सूर्य नमस्कार योग प्रणाम आसान ॐ मित्राय नम: अपने दोनों पंजे एक साथ जोड़ कर रखें। श्वांस लेते हुए दोनों हाथ बगल से ऊपर उठाएं। श्वास छोड़ते हुए हथेलियों को जोड़ते हुए छाती के सामने प्रणाम के मुद्रा में ले आए हैं। हस्तौत्तनासन ॐ रवाये नमः श्वास लेते हुए हाथों को ऊपर उठाएं और पीछे ले जाएं । हस्तपाद आसन ॐ सूर्याय नमः श्वास छोड़ते हुए कमर से आगे झुके और दोनों हाथों को पैरों के पास जमीन पर रखें । अश्व संचालन आसन ॐ भनावे नमः स्वास लेते हुए अपने दहीना पैर पीछे ले और घुटनों को जमीन पर रखते हुए ऊपर की ओर देखें । दंडासन ॐ खागाये नमः स्वास लेते हुए, अब बाएं पैर को पीछे ले और संपूर्ण शरीर सीधा रखें। अष्टांग नमस्कार ॐ पुष्णे नम: श्वास छोड़ते हुए दोनों घुटने जमीन पर लाएँ और अपने कुल्हों को ऊपर की ओर उठाएँ। भुजंग आसन ॐ हिरण्यगर्भया नमः स्वास लेते हुए छाती को उठाएंँ और ऊपर की ओर देखें। पर्वत आसन ॐ मरीचये नमः श्वास छोड़ते हुए कूल्हों के निचले भाग को ...
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माई क्वेस्ट ऑफ़ लव प्रा एन अर्थात् मेरे कहानी या मेरे द्वारा देखा हुआ घटना होगा। आइये सबसे पहले मेरे बारे में एक्सप्लेन कर देता हूँ ताकि मुझे आप समझ सकें। हम एक ऐसे माँ की दो बेटे हैं जिसने मेरी माँ को जन्म देने के तीन दिन बाद हमारे माँ की माँ की मृत्यु हो गई थी। और उसकी ललन-पालन किसी और ने किया और हम दोनों का ललन-पालन किसी और ने किया। अर्थात् हम दोनों के माँ को भी सगा दादा-दादी ने ललन-पालन किया। जो निः संतान थें उन्होंने हमें इतना प्यार दिया जितना माता-पिता से नहीं मिली। अधिकतर माँ का प्यार हमें दादी जी से मिला है। वह अपने बच्चे की तरह पला हमें और स्नेह भी भरपूर दिया। वह अनपढ़ होकर भी हमें कहानी के माध्यम से हमे सुशिल बनाने का प्रयाश करती थी और सभी के साथ मिल-जुल कर रहने का सन्देश देती रहती थी। वह हमें पल-पल अपनी संरक्षण में रखती थी। ताकि हमारा भविष्य सुधर सके। यह मेरा जीवन से जुडी सारी कहानी है और होगी। इस साईट में जो भी कहानी होगी सारी...