PraN-1
माई क्वेस्ट ऑफ़ लव प्रा एन अर्थात् मेरे कहानी या मेरे द्वारा देखा हुआ घटना होगा।
आइये सबसे पहले मेरे बारे में एक्सप्लेन कर देता हूँ ताकि मुझे आप समझ सकें।
हम एक ऐसे माँ की दो बेटे हैं जिसने मेरी माँ को जन्म देने के तीन दिन बाद हमारे माँ की माँ की मृत्यु हो गई थी। और उसकी ललन-पालन किसी और ने किया और हम दोनों का ललन-पालन किसी और ने किया। अर्थात् हम दोनों के माँ को भी सगा दादा-दादी ने ललन-पालन किया। जो निः संतान थें उन्होंने हमें इतना प्यार दिया जितना माता-पिता से नहीं मिली। अधिकतर माँ का प्यार हमें दादी जी से मिला है। वह अपने बच्चे की तरह पला हमें और स्नेह भी भरपूर दिया। वह अनपढ़ होकर भी हमें कहानी के माध्यम से हमे सुशिल बनाने का प्रयाश करती थी और सभी के साथ मिल-जुल कर रहने का सन्देश देती रहती थी। वह हमें पल-पल अपनी संरक्षण में रखती थी। ताकि हमारा भविष्य सुधर सके।
यह मेरा जीवन से जुडी सारी कहानी है और होगी। इस साईट में जो भी कहानी होगी सारी सत्य होगी और मेरी आँखों से देखा हुआ या फिर मुझ से सम्बन्ध होगा इस साइट का मकसद हरेक व्यक्ति के जीवन में होने वाले सत्य से होगी ताकि आने वाले पीढियों को जीवन जीने के होड़ में इस प्रकार के घटना से परिचित हो पाएँ।
निष्कर्ष
"जरूरी नहीं है कि मार्गदर्शक कितना पढ़ा-लिखा है,
बस जरूरी है तो बच्चों को सही मार्गदर्शन की।"
एक अनपढ़ व्यक्ति भी अपने बच्चों के भविष्य को उचित देख-रेख और सही मार्गदर्शन से सुधार सकता है।