जीवन में ज्यादा रिश्ते होना जरुरी नहीं है पर हर रिश्ते में जीवन होना बहुत जरुरी है। आज का जनरेशन पहले पचास साल पैसा कमाने में लग जाते है और फिर बचा हुआ पचास साल उसी पैसे को हेल्थ सुधरने में खर्च कर देते हैं। इंसान जीते है ऐसे जैसे कभी मरने वाले ही नहीं हैं और इंसान मरता है ऐसा जैसा जिया ही नहीं।
Popular posts from this blog
PraN-1
माई क्वेस्ट ऑफ़ लव प्रा एन अर्थात् मेरे कहानी या मेरे द्वारा देखा हुआ घटना होगा। आइये सबसे पहले मेरे बारे में एक्सप्लेन कर देता हूँ ताकि मुझे आप समझ सकें। हम एक ऐसे माँ की दो बेटे हैं जिसने मेरी माँ को जन्म देने के तीन दिन बाद हमारे माँ की माँ की मृत्यु हो गई थी। और उसकी ललन-पालन किसी और ने किया और हम दोनों का ललन-पालन किसी और ने किया। अर्थात् हम दोनों के माँ को भी सगा दादा-दादी ने ललन-पालन किया। जो निः संतान थें उन्होंने हमें इतना प्यार दिया जितना माता-पिता से नहीं मिली। अधिकतर माँ का प्यार हमें दादी जी से मिला है। वह अपने बच्चे की तरह पला हमें और स्नेह भी भरपूर दिया। वह अनपढ़ होकर भी हमें कहानी के माध्यम से हमे सुशिल बनाने का प्रयाश करती थी और सभी के साथ मिल-जुल कर रहने का सन्देश देती रहती थी। वह हमें पल-पल अपनी संरक्षण में रखती थी। ताकि हमारा भविष्य सुधर सके। यह मेरा जीवन से जुडी सारी कहानी है और होगी। इस साईट में जो भी कहानी होगी सारी...
